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सोमवार, 3 अप्रैल 2023
श्रीराम जय राम जय जय राम !
“तुम्हरिहि कृपाँ तुम्हहि रघुनंदन ।
जानहिं भगत भगत उर चंदन॥“
( हे रघुनंदन ! हे भक्तों के हृदय को शीतल करनेवाले चंदन ! आपकी ही कृपा से भक्त आपको जान पाते हैं )
🌸🍂🌷🌾जय श्री हरि: !!🙏🙏
जवाब देंहटाएंहरि कृपा ही केवलम
जय जय सियाराम