गुरुवार, 13 अप्रैल 2023

राम राम रटते रहो जब लगि घट मे प्रान। कभी तो दीनदयाल के भनक पड़ेगी कान ।।

हनुमान जी का सिद्धांत है कि जीव चाहे लेटा हो या बैठा हो अथवा खडा ही क्यों न हो, जिस किसी भी दशा में श्रीराम नाम का स्मरण करके वह भगवान् के परमपद को प्राप्त हो जाता है |

“आसीनो वा शयानो वा तिष्ठन् वा यत्र कुत्र वा |
श्रीरामनाम संस्मृत्य याति तत्परमं पदम् ||”


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