गुरुवार, 21 मार्च 2019

जगजननी जय ! जय !! मा ! जगजननी जय ! जय !!




हम अति दीन दुखी मा! विपत-जाल घेरे ।
हैं कपूत अति कपटी, पर बालक तेरे ॥




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