बुधवार, 18 मार्च 2026

श्रीमद्भागवतमहापुराण षष्ठ स्कन्ध छठा अध्याय..(पोस्ट०५)

॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥

श्रीमद्भागवतमहापुराण 
षष्ठ स्कन्ध – छठा अध्याय..(पोस्ट०५)

दक्षप्रजापति की साठ कन्याओं के वंश का विवरण

कृत्तिकादीनि नक्षत्राणीन्दोः पत्न्यस्तु भारत
दक्षशापात्सोऽनपत्यस्तासु यक्ष्मग्रहार्दितः ||२३||
पुनः प्रसाद्य तं सोमः कला लेभे क्षये दिताः
शृणु नामानि लोकानां मातॄणां शङ्कराणि च ||२४||
अथ कश्यपपत्नीनां यत्प्रसूतमिदं जगत्
अदितिर्दितिर्दनुः काष्ठा अरिष्टा सुरसा इला ||२५||
मुनिः क्रोधवशा ताम्रा सुरभिः सरमा तिमिः
तिमेर्यादोगणा आसन्श्वापदाः सरमासुताः ||२६||
सुरभेर्महिषा गावो ये चान्ये द्विशफा नृप
ताम्रायाः श्येनगृध्राद्या मुनेरप्सरसां गणाः ||२७||
दन्दशूकादयः सर्पा राजन्क्रोधवशात्मजाः
इलाया भूरुहाः सर्वे यातुधानाश्च सौरसाः ||२८||

परीक्षित्‌ ! कृत्तिका आदि सत्ताईस नक्षत्राभिमानिनी देवियाँ चन्द्रमाकी पत्नियाँ हैं। रोहिणीसे विशेष प्रेम करनेके कारण चन्द्रमाको दक्षने शाप दे दिया, जिससे उन्हें क्षयरोग हो गया था। उन्हें कोई सन्तान नहीं हुई ॥ २३ ॥ उन्होंने दक्षको फिरसे प्रसन्न करके कृष्णपक्षकी क्षीण कलाओंके शुक्लपक्षमें पूर्ण होनेका वर तो प्राप्त कर लिया, (परन्तु नक्षत्राभिमानी देवियोंसे उन्हें कोई सन्तान न हुई) अब तुम कश्यपपत्नियोंके मङ्गलमय नाम सुनो। वे लोकमाताएँ हैं। उन्हींसे यह सारी सृष्टि उत्पन्न हुई है। उनके नाम हैं—अदिति, दिति, दनु, काष्ठा, अरिष्टा, सुरसा, इला, मुनि, क्रोधवशा, ताम्रा, सुरभि, सरमा और तिमि। इनमें तिमिके पुत्र हैं—जलचर जन्तु और सरमाके बाघ आदि हिंसक जीव ॥ २४—२६ ॥ सुरभिके पुत्र हैं—भैंस, गाय तथा दूसरे दो खुरवाले पशु। ताम्राकी सन्तान हैं—बाज, गीध आदि शिकारी पक्षी। मुनिसे अप्सराएँ उत्पन्न हुर्ईं ॥ २७ ॥ क्रोधवशा के पुत्र हुए—साँप, बिच्छू आदि विषैले जन्तु। इलासे वृक्ष, लता आदि पृथ्वीमें उत्पन्न होनेवाली वनस्पतियाँ और सुरसासे यातुधान (राक्षस) ॥ २८ ॥ 

शेष आगामी पोस्ट में --
गीताप्रेस,गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीमद्भागवतमहापुराण  (विशिष्टसंस्करण)  पुस्तककोड 1535 से


1 टिप्पणी:

  1. नारायण नारायण नारायण नारायण
    श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारे
    हे नाथ नारायण वासुदेव: !!🌹💐🌹🙏🙏

    जवाब देंहटाएं

श्रीमद्भागवतमहापुराण षष्ठ स्कन्ध छठा अध्याय..(पोस्ट०५)

॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ श्रीमद्भागवतमहापुराण  षष्ठ स्कन्ध – छठा अध्याय..(पोस्ट०५) दक्षप्रजापति की साठ कन्याओं के वंश का विवरण कृत्तिकादीनि...