मंगलवार, 28 मार्च 2023

श्री रामचन्द्र चरणौ शिरसा नमामि

“कलिजुग सम जुग आन नहिं जौं नर कर बिस्वास।
गाइ राम गुन गन बिमल भव तर बिनहिं प्रयास।।“

(यदि मनुष्य विश्वास करे, तो कलियुग के समान दूसरा युग नहीं है। [क्योंकि] इस युग में श्रीराम जी के निर्मल गुणोंसमूहों को गा-गाकर मनुष्य बिना ही परिश्रम संसार [रूपी समुद्र] से तर जाता है)


1 टिप्पणी:

  1. 🌹💖🍂🌾जय श्री हरि: !!🙏🙏
    राम सियाराम राम सियाराम
    श्री राम जय राम जय जय राम

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